भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें…
शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा, पं. मिश्रा ने मंदसौर में कहा कि यहां की महिलाएं वैश्यावृत्ति बंद करें, राधा रानी के बारे में भी उन्होंने गलत बताया। कल जो उन्होंने माफी मांगी, उसमें उन्होंने यह बताने का प्रयास किया कि मैं जो बोलता हूं, वेद-पुराण से बोलता हूं और जो कई लोगों ने पढ़ी नहीं होती, जिससे वह समझ नहीं पाते। इससे समाज में रोष बढ़ गया है, भगवान उन्हें सदबुद्धि दें। इस बीच बुधवार को पं. मिश्रा ने विश्व में सर्वाधिक टीआरपी वाले आध्यात्मिक प्रवक्ता का सम्मान लिया। यह ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम ने दिया।
ऐसी बातें करेंगे तो समाज में गलत संदेश जाएगा
समाज के जिला अध्यक्ष प्रदीप सक्सेना ने कहा, मैंने खुद 11 बार शिवमहापुराण पढ़ी है, कहीं पर भी ऐसा नहीं लिखा है। उन्हें ऐसी टिप्पणी नहीं करना चाहिए, उनकी कथाओं में बड़ी संख्या में लोग आते हैं, यदि वे इस तरह की बातें करेंगे तो समाज में गलत संदेश जाएगा। हम इसका विरोध करते हैं। दिल्ली, पटना, जयपुर तमाम जगह उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के लिए कार्रवाई हो रही है।











